IPL 2025 से पहले बीसीसीआई ने जारी किए ये नियम, CSK, MI, RCB सब पर पड़ेगा भारी असर

 IPL 2025 New Rules: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईपीएल 2025 सत्र के लिए खिलाड़ियों के रीप्लेस के बारे में नया अपडेट पेश किया है. आईपीएल में खिलाड़ियों के शामिल होने और बाहर होने के नियम काफी सख्त हैं, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने अस्थायी या स्थायी प्रतिस्थापन (रिप्लेसमेंट) की अनुमति दी है.

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आमतौर पर किसी खिलाड़ी को सीजन के बीच में सिर्फ कुछ मैचों के लिए बदलने की अनुमति नहीं होती है, लेकिन दो खास परिस्थितियों में ऐसा किया जा सकता है.


क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में सभी दस फ्रेंचाइजी को भेजे गए एक विज्ञप्ति में, बीसीसीआई ने उन परिस्थितियों का विस्तृत विवरण दिया है, जिनके तहत टीमें दूसरे खिलाड़ी को ला सकती हैं, विशेष रूप से चोट से संबंधित रीप्लेसमेंट पर. इसके लिए बीसीसीआई ने एक नया नियम लागू किया है, जिसमें एक नई खिलाड़ी पूल प्रणाली की शुरुआत की है, जिसमें से खिलाड़ियों का चुनाव किया जा सकता है. यह अनुमति बीसीसीआई की अनुमति से ही हो सकती है. 


1. आंशिक प्रतिस्थापन (Partial Replacement)


विकेटकीपर की अनुपलब्धता: पहली स्थिति तब होती है जब किसी टीम के सभी विकेटकीपर किसी मैच के लिए अनुपलब्ध हो जाते हैं. ऐसी स्थिति में फ्रेंचाइज़ी बीसीसीआई से एक अस्थायी विकेटकीपर को शामिल करने की अनुमति मांग सकती है. यह अस्थायी विकेटकीपर तब तक खेल सकता है, जब तक कि टीम के नियमित विकेटकीपर खेलने के लिए उपलब्ध न हो जाएं. जैसे ही टीम का कोई नियमित विकेटकीपर खेलने के लिए उपलब्ध हो जाता है, वह अस्थायी विकेटकीपर फिर से टीम के लिए नहीं खेल सकता.


सीजन खत्म करने वाली चोट या बीमारी: दूसरी स्थिति तब होती है जब किसी खिलाड़ी को ऐसी चोट या बीमारी हो जाती है, जिसके कारण वह पूरे सीजन के लिए बाहर हो जाता है. इस स्थिति में टीम को खिलाड़ी को बदलने की अनुमति मिल सकती है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं. चोट या बीमारी सीजन के 12वें लीग मैच के दौरान या उससे पहले होनी चाहिए. बीसीसीआई द्वारा नामित डॉक्टर को इस बात की पुष्टि करनी होगी कि खिलाड़ी पूरे सीजन के लिए फिट नहीं हो पाएगा. इसके अलावा, अगर वह चोटिल न होता तो वह खिलाड़ी पूरे सीजन के लिए उपलब्ध होता. चोट के कारण खिलाड़ी बाकी सीजन के सभी मैचों से बाहर हो जाएगा, तभी उसकी जगह किसी और खिलाड़ी को शामिल किया जा सकता है.


2. पूरे सीजन के लिए प्रतिस्थापन (Full-Season Replacement)


अगर कोई खिलाड़ी पूरे सीजन के लिए अनुपलब्ध होता है, तो टीम उसे बदल सकती है. अनुपलब्धता के कारणों में राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने की बाध्यता, एनओसी (No Objection Certificate) का न मिलना, चोट या बीमारी, क्रिकेट से संन्यास लेना (केवल आईपीएल से संन्यास लेना पर्याप्त नहीं होगा) या बीसीसीआई द्वारा स्वीकृत अन्य कारण शामिल हो सकते हैं. अगर बीसीसीआई ने इसे स्वीकृति दी है, तो टीम उस खिलाड़ी को बदल सकती है. लेकिन जिस खिलाड़ी को बदला गया है, वह फिर से उसी सीजन में अपनी टीम के लिए नहीं खेल सकता.


3. आरएपीपी (RAPP) – Registered Available Player Pool


बीसीसीआई ने प्रतिस्थापन के लिए एक विशेष पूल बनाया है, जिसे आरएपीपी (Registered Available Player Pool) कहा जाता है. इस पूल में उन्हीं खिलाड़ियों के नाम शामिल होते हैं, जिन्होंने नीलामी के लिए पंजीकरण किया था लेकिन बिके नहीं थे, और जिन्होंने नीलामी से अपना नाम वापस नहीं लिया था. टीम को प्रतिस्थापन के लिए केवल इसी पूल से खिलाड़ी चुनने की अनुमति होती है. अगर कोई खिलाड़ी नेट बॉलर के रूप में किसी टीम के साथ अनुबंधित है, तब भी वह किसी अन्य टीम के लिए प्रतिस्थापन के रूप में खेल सकता है, बशर्ते कि बीसीसीआई इसकी अनुमति दे.


4. प्रतिस्थापन से जुड़े कुछ अन्य नियम 


हर अनुपलब्ध खिलाड़ी के लिए केवल एक प्रतिस्थापन लिया जा सकता है. प्रतिस्थापन खिलाड़ी के रूप में शामिल होने वाले खिलाड़ी की फीस उसके बेस प्राइस से कम नहीं हो सकती. अगर कोई टीम पहले से ही 8 विदेशी खिलाड़ियों के पूरे कोटे को भर चुकी है, तो प्रतिस्थापन खिलाड़ी विदेशी नहीं हो सकता. इसके अलावा, चोट या बीमारी के कारण रिप्लेस किए गए खिलाड़ी को पूरे सीजन के दौरान दोबारा टीम के लिए खेलने की अनुमति नहीं होगी.


ये अपडेट रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB), चेन्नई सुपर किंग्स (CSK), मुंबई इंडियंस (MI), कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और अन्य फ्रेंचाइजी के लिए खास तौर पर अहम हैं, क्योंकि पिछले सीजन में चोटों के कारण इनकी टीम संरचना में बार-बार बदलाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी. अब स्पष्ट दिशा-निर्देशों के साथ, फ्रेंचाइज के पास प्रतिस्थापन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने, अनिश्चितता को कम करने और प्रतियोगिता की निष्पक्षता बनाए रखने का एक ठोस ढांचा उपलब्ध होगा.


IPL 2025 के करीब आते ही, ये संशोधित प्रतिस्थापन नीतियां टीमों की रणनीतियों को आकार देने में एक अहम भूमिका निभाएंगी. टीमों को अब RAPP ढांचे के तहत चोट जैसी आकस्मिक परिस्थितियों और उनके संभावित समाधान पर पहले से विचार करके योजना बनानी होगी. इस नई प्रणाली से यह सुनिश्चित होगा कि पूरे सीजन के दौरान टीमों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन बना रहे और किसी भी टीम को अनुचित लाभ न मिल सके.


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